Last Updated on September 07, 2026
   
Last Updated on September 07, 2026

Bihar Election 2025: बिहार की वोटर लिस्ट में पुरुषों की तुलना में महिलाओं के नाम अधिक क्यों हटाए गए?

PTOI
2025-10-03
News

Bihar Election News: बिहार में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चलाई गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यह मुद्दा उभरा है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के अधिक नाम लिस्ट से क्यों हटाए गए?

पटना: बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया गया। इसके बाद प्रकाशित फाइनल वोटर लिस्ट पर भी विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। पहले चुनाव आयोग ने मसौदा वोटर लिस्ट जारी की थी जिसमें 65 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए थे। इसको लेकर भारी विवाद हुआ। अब अंतिम मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की तुलना में महिला मतदाताओं का नाम अधिक हटाए जाने पर भी विवाद हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार उन्हीं लोगों के नाम काटे गए हैं जिन्होंने जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए थे। इसके अलावा गैर मौजूद,स्थानांतरित और दो स्थानों पर दर्ज लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं।

इस मुद्दे के लेकर वामपंथी दल सीपीआई-एम ने सवाल उठाए हैं। उसका तर्क है कि बिहार में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का पलायन अधिक होता है। फिर वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के अधिक नाम कैसे हो सकते हैं?

पुरुषों की तुलना में 7 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हटे

बिहार की वोटर लिस्ट में जनवरी 2025 के बाद 7 करोड़ 80 लाख 22 हजार 933 वोटर थे। इनमें महिला मतदाताओं की तादाद 3 करोड़ 72 लाख 57 हजार 477 थी। पुरुष वोटरों की संख्या 4 करोड़ 7 लाख 63 हजार 352 थी। एसआईआर के बाद 30 सितंबर को जारी की गई अंतिम वोटर लिस्ट में कुल वोटरों की संख्या 7 करोड़ 41 लाख 92 हजार 357 है। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 49 लाख 82 हजार 828 है और पुरुष मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 92 लाख 7 हजार है।

बिहार में एसआईआर के पहले की लिस्ट से इसके बाद की लिस्ट में पुरुष वोटरों की संख्या 15 लाख 56 हजार 352 घट गई। जबकि महिला वोटर 22 लाख 74 हजार 649 कम हो गईं। पुरुषों की तुलना में 7 लाख 18 हजार 297 महिला मतदाताओं के नाम अधिक हटाए गए। वोटर लिस्ट से कुल 4.91 प्रतिशत वोटर कम हो गए। इनमें 3.82 फीसदी पुरुष घटे और 6.11 फीसदी महिलाएं घट गईं।

महिलाओं का पलायन कम, फिर नाम अधिक कैसे कटे

सीपीआई-एम के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में ज्यादा पलायन करते हैं। फिर उनके नाम ज्यादा काटने का क्या कारण है? हालांकि बीजेपी ने सफाई दी है कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। जिन लोगों ने जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए अनुपस्थित मिले, स्थानांतरित हो गए या जिनके नाम दो जगहों पर थे, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके पीछे कोई साजिश नहीं है।

हालांकि महिला मतदाताओं के नाम अधिक हटाए जाने के पीछे एक तर्क यह भी है कि वे विवाह होने के बाद आम तौर पर स्थानांतरित हो जाती हैं। ऐसे में उनके नाम मायके के साथ उस शहर में भी दर्ज हो जाते हैं जहां उनकी ससुराल है। दो स्थानों पर नाम होने पर किसी एक जगह से नाम हटा दिया जाता है। फिलहाल बिहार में वोटर लिस्ट का मुद्दा विवाद का कारण बना हुआ है। चुनाव के दौरान इस पर सवाल-जवाब का सिलसिला चलते रहने की संभावना है।


Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :

For clarifications/queries, please contact Public Talk of India at:

+91-98119 03979          publictalkofindia@gmail.com

For clarifications/queries,
please contact Public Talk of India at:

TOPICS: Bihar,

Advertisement

YouTube

Instagram


Copyright © 2025 Public Talk of India.
Portal Developed by DiGital Companion