2021 के पंचायत चुनाव में मुखिया के लिए कुल पद 8,072 पद थे। इनमें अनारक्षित पदों की संख्या 5,268 थी। इन अनारक्षित 5,268 मुखिया पदों में से 2,483 पद महिलाओं के लिए आरक्षित थे। यानी मुखिया के लिए अनारक्षित पदों में से महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण था। पिछड़ा वर्ग के लिए 1,357 मुखिया पद थे जिनमें से 543 महिलाओं के लिए आरक्षित थे। अनुसूचित जाति के लिए कुल पद 1,338 थे जिनमें से 539 महिलाओं के लिए आरक्षित थे। अनुसूचित जनजाति के लिए कुल 91 मुखिया पद थे जिनमें से 20 महिलाओं के लिए थे। इस तरह महिला मुखिया पद के लिए कुल 3,585 पद आरक्षित थे।
2026 में जनरल सीट से जीते कई मुखिया नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
हर दो पंचायत चुनाव के बाद मुखिया, सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य चुनाव के लिए आरक्षण का चक्र बदल जाता है। 2016 और 2021 में एक ही आरक्षण चक्र के आधार पर चुनाव हुआ था। लेकिन 2026 में आरक्षण का चक्र बदल जाएगा। जैसे 2021 में अगर कोई पद अनारक्षित था तो वह अब आरक्षित हो सकता है। जो सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थीं अब वे सामान्य हो सकती हैं। सामान्य सीटें आरक्षित हो सकती हैं। जैसे अगर कोई मुखिया 2021 में सामान्य सीट से चुनाव जीता है और 2026 में उसकी सीट पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाती है तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
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